आसमान नीला ही क्यों दिखाई देता है | वैज्ञानिकों का जवाब | Alamfactz

आसमान नीला ही क्यों दिखाई देता है ? 


हम सभी आसमान को देखते है मगर कभी इस बात पर गौर नही करते की आसमान का रंग नोला क्यो होता है ? तो आज जान लो इस बात का रहस्य । असल मे पृथ्वी के चारों तरफ का जो वायु का आवरण है  उसे हम वायुमंडल कहते हैं। यह वायुमंडल नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, धूल के कण, जलवाष्प  और बहुत सी दूसरे गैसो से मिलकर बना है सूर्य और तारों से आने वाला प्रकाश इस वायुमंडल से होकर ही हम तक पहुंच पाता है। धरती को मिलने वाला प्रकाश मुख्य रूप से सूर्य से ही आता है। जब वह प्रकाश वायुमंडल में प्रवेश करता है तो वह वायु, धूल और जलवाष्प के अणुओ से टकराता है। इन अणुओं से टकराने के कारण सूर्य का प्रकाश सभी दिशाओं में छितर जाता है। प्रकाश के इसी छितरने के कारण ही सूर्य निकलने पर चारों ओर उजाला फैल जाता है और इसलिए आसमान नीला दिखाई देता है



आसमान नीला ही क्यों दिखाई देता है ?


हम जानते हैं कि सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है। यह रंग है बैगनी, जामुनी, नीला हरा, पीला, नारंगी और लाल। जब प्रकाश की किरणें वायुमंडल के कणों से टकराती है तो इन सात रंगों में से बैगनी, जामुनी और नीला रंग सबसे अधिक से छितरते हैं और लाल सबसे कम। प्रकाश के छितरने से हमारी आंखों तक ये तीन रंग हो अधिक मात्रा में पहुंचते हैं। इन तीनों रंगों का मिश्रण लगभग नीला होता है इसीलिए आकाश में नीला दिखाई देता है। यदि धरती के चारों तरफ वायुमंडल ना हो तो आकाश हमें काला दिखाई देता। यदि हम चंद्रमा की सतह पर खड़े होकर देखते तो आसमान का रंग काला दिखाई देगा। इसी प्रकार किसी अंतरिक्ष यान से देखने पर भी आकाश का रंग काला दिखाई देता है। इसका कारण यह है कि चंद्रमा के चारों ओर किसी कोई वायुमंडल नहीं है और अंतरिक्ष यान वायु भी वातावरण में ही परिक्रमण करते हैं।


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