आसमान नीला ही क्यों दिखाई देता है ?
हम जानते हैं कि सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है। यह रंग है बैगनी, जामुनी, नीला हरा, पीला, नारंगी और लाल। जब प्रकाश की किरणें वायुमंडल के कणों से टकराती है तो इन सात रंगों में से बैगनी, जामुनी और नीला रंग सबसे अधिक से छितरते हैं और लाल सबसे कम। प्रकाश के छितरने से हमारी आंखों तक ये तीन रंग हो अधिक मात्रा में पहुंचते हैं। इन तीनों रंगों का मिश्रण लगभग नीला होता है इसीलिए आकाश में नीला दिखाई देता है। यदि धरती के चारों तरफ वायुमंडल ना हो तो आकाश हमें काला दिखाई देता। यदि हम चंद्रमा की सतह पर खड़े होकर देखते तो आसमान का रंग काला दिखाई देगा। इसी प्रकार किसी अंतरिक्ष यान से देखने पर भी आकाश का रंग काला दिखाई देता है। इसका कारण यह है कि चंद्रमा के चारों ओर किसी कोई वायुमंडल नहीं है और अंतरिक्ष यान वायु भी वातावरण में ही परिक्रमण करते हैं।


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